एह पत्थर के नाँव मैलो पौधा के यूनानी नाँव से आइल बा - 'मालाचे', जेकर हरियर पत्ता सभ के रंग के कोमलता आ कोमलता में अन्य पौधा सभ से अलग होला। मलाकाइट के खनन बहुत पहिले से विशेष रूप से ब्यवहारिक उद्देश्य खातिर कइल जाला - तांबा निकाले खातिर। आ रोमन साम्राज्य के उदय के समय में ही एह बेहतरीन सजावटी सामग्री के फायदा के सराहना भइल। रूस में सबसे पहिले मैलाकाइट के प्रोसेसिंग सीखे वाला लोग में से एगो उरल मास्टर लोग रहल, जेकरा बारे में बाद में पावेल बाझोव आपन कहानी लिखलें। आज मैलाकाइट के इस्तेमाल खाली गहना बनावे में ना होला बलुक आंतरिक सजावट में इस्तेमाल होखे वाला सजावटी सामग्री भी होला।